घर की छत पर सोलर लगाएं — पाएं ₹1,08,000 सीधी सब्सिडी व शून्य बिजली बिल।
आद्विक सोलर के साथ अपने घर की छत पर उच्च दक्षता वाले टियर-1 डीसीआर बाइफेशियल पैनल्स लगवाएं। 300 यूनिट तक मुफ़्त बिजली, त्वरित UPPCL नेट-मीटरिंग और आधार लिंक बैंक खाते में ₹1,08,000 की गारंटीड सीधी DBT सब्सिडी पाएं।
₹1.08 लाख
सीधी बैंक DBT
300 यूनिट
मासिक ग्रिड बचत
25 वर्ष
टियर-1 DCR पैनल्स
500+
उत्तर प्रदेश में
मुफ़्त डोरस्टेप साइट सर्वे बुक करें
छत का मुफ़्त निरीक्षण एवं सब्सिडी सहायता
घर की छत पर सोलर लगाएं — पाएं ₹1,08,000 सीधी सब्सिडी व मुफ़्त बिजली
आद्विक सोलर उच्च दक्षता वाले टियर-1 डीसीआर बाइफेशियल रूफटॉप सिस्टम, यूपीपीसीएल नेट-मीटरिंग और सीधे बैंक खाते में गारंटीड डीबीटी सब्सिडी उपलब्ध कराता है।
रूफटॉप सोलर कैसे काम करता है?
सूर्य की किरणों से लेकर सीधे आपके बैंक खाते में ₹1,08,000 सब्सिडी आने तक का सरल 5-चरणीय चक्र।
बाइफेशियल DCR पैनल्स
दोनों तरफ से धूप और छत की सतह से टकराकर आने वाली रोशनी से डीसी बिजली उत्पन्न करते हैं।
स्मार्ट टियर-1 इनवर्टर
सोलर डीसी करंट को 98.4% शुद्धता के साथ 230V एसी घरेलू करंट में बदलता है।
घरेलू उपकरण संचालन
दिन के समय मुफ़्त सौर ऊर्जा से एसी, फ्रिज, पंखे और पानी की मोटरें बिना किसी ग्रिड खर्च के चलती हैं।
नेट-मीटरिंग कनेक्शन
बची हुई अतिरिक्त बिजली ग्रिड को निर्यात होकर आपके मासिक बिजली बिल में क्रेडिट के रूप में जमा होती है।
सीधी DBT बैंक सब्सिडी
केंद्र सरकार (₹78,000) व यूपी राज्य (₹30,000) की कुल ₹1,08,000 सब्सिडी 30 दिनों में सीधे बैंक खाते में जमा।
छत के दोनों तरफ से धूप व परावर्तित रोशनी से 25% तक अधिक बिजली उत्पादन।
सोलर डीसी करंट को शुद्ध 230V एसी घरेलू करंट में तुरंत परिवर्तित करता है।
दिन के समय पंखे, लाइट, फ्रिज और 1.5 टन के एसी मुफ़्त सौर ऊर्जा से चलते हैं।
बची हुई अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाकर बिल में यूनिट के रूप में एडजस्ट होती है।
केंद्रीय ₹78k व यूपी राज्य ₹30k की कुल ₹1.08 लाख सब्सिडी 30 दिन में खाते में।
इंटरएक्टिव सोलर बचत कैलकुलेटर
अपने मासिक बिल के अनुसार आवश्यक क्षमता (kW), केंद्रीय व यूपी राज्य सब्सिडी तथा पेबैक अवधि जानें।
शून्य अग्रिम निरीक्षण शुल्क • पूर्ण UPPCL अप्रूवल गारंटी
रूफटॉप सोलर सब्सिडी पैकेज 2026
उत्तर प्रदेश में आवासीय उपभोक्ताओं के लिए सीधी केंद्रीय व राज्य वित्तीय सहायता का पूर्ण विवरण।
1 kW सिस्टम
बेसिक1-2 कमरों के घर, बुनियादी लाइट, पंखे और फ्रिज के लिए उपयुक्त।
₹ 45,000
(₹30,000 केंद्र + ₹15,000 यूपी)
- 120-130 यूनिट / माह
- 100 वर्ग फ़ुट छाया-मुक्त छत
- सिंगल-फ़ेज़ स्मार्ट इनवर्टर
- 25 वर्ष परफॉर्मेंस वारंटी
2 kW सिस्टम
स्टैंडर्ड2-3 बीएचके घरों के लिए, 1 स्प्लिट एसी व घरेलू उपकरणों के लिए उत्तम।
₹ 90,000
(₹60,000 केंद्र + ₹30,000 यूपी)
- 240-260 यूनिट / माह
- 200 वर्ग फ़ुट छाया-मुक्त छत
- स्मार्ट मोबाइल ऐप मॉनिटरिंग
- संपूर्ण UPPCL नेट-मीटरिंग
3 kW फ्लैगशिप
शून्य बिलस्वतंत्र मकानों व कोठियों के लिए सरकार द्वारा अधिकतम सब्सिडी सहायता पैकेज।
₹ 1,08,000
(₹78,000 केंद्र + ₹30,000 यूपी राज्य)
- 360-390 यूनिट / माह
- 300 वर्ग फ़ुट छाया-मुक्त छत
- टियर-1 DCR TopCon बाइफेशियल पैनल्स
- 2.2 वर्षों में लागत की पूरी वापसी
4 kW – 10 kW
अधिक लोडमल्टी-स्टोरी विला, स्कूल, क्लीनिक, कोल्ड स्टोरेज और कमर्शियल मीटरों के लिए उपयुक्त।
₹ 1,08,000
(अधिकतम सरकारी सीमा + टैक्स लाभ)
- 500 – 1,300 यूनिट / माह
- 400 – 1,000 वर्ग फ़ुट छत
- 3-फ़ेज़ हेवी-ड्यूटी इनवर्टर
- बिना गारंटी बैंक लोन (7% वार्षिक दर)
आधिकारिक सब्सिडी व पेबैक तालिका (उत्तर प्रदेश 2026)
| सिस्टम क्षमता | अनुमानित लागत | केंद्रीय सब्सिडी | यूपी राज्य सब्सिडी | कुल DBT सब्सिडी | ग्राहक लागत | मासिक उत्पादन | पेबैक अवधि | कार्रवाई |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 kW सिस्टम | ₹ 65,000 | ₹ 30,000 | ₹ 15,000 | ₹ 45,000 | ₹ 20,000 | 120 - 130 यूनिट | ~ 3.0 वर्ष | |
| 2 kW सिस्टम | ₹ 1,30,000 | ₹ 60,000 | ₹ 30,000 | ₹ 90,000 | ₹ 40,000 | 240 - 260 यूनिट | ~ 2.7 वर्ष | |
| 3 kW सिस्टम लोकप्रिय | ₹ 1,95,000 | ₹ 78,000 | ₹ 30,000 | ₹ 1,08,000 | ₹ 87,000 | 360 - 390 यूनिट | < 2.2 वर्ष | |
| 4 kW सिस्टम | ₹ 2,50,000 | ₹ 78,000 (अधिकतम) | ₹ 30,000 (अधिकतम) | ₹ 1,08,000 | ₹ 1,42,000 | 480 - 520 यूनिट | ~ 2.8 वर्ष | |
| 5 kW सिस्टम | ₹ 3,10,000 | ₹ 78,000 (अधिकतम) | ₹ 30,000 (अधिकतम) | ₹ 1,08,000 | ₹ 2,02,000 | 600 - 650 यूनिट | ~ 3.0 वर्ष | |
| 6 kW – 10 kW | कस्टम कोट | ₹ 78,000 (अधिकतम) | ₹ 30,000 (अधिकतम) | ₹ 1,08,000 | अनुकूलित मूल्य | 750 – 1,300 यूनिट | ~ 3.2 वर्ष |
6-चरणीय सोलर स्थापना प्रक्रिया
साइट सर्वे से लेकर सरकारी सब्सिडी बैंक खाते में आने तक, आद्विक सोलर हर तकनीकी व सरकारी प्रक्रिया स्वयं संभालता है।
मुफ़्त डोरस्टेप साइट सर्वे
इंजीनियर आपकी छत की दिशा, छाया विश्लेषण और वर्तमान स्वीकृत बिजली लोड का निरीक्षण करते हैं।
नेशनल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन
पीएम सूर्य घर पोर्टल पर उपभोक्ता के बिजली बिल व आधार विवरण के साथ सब्सिडी आवेदन दर्ज किया जाता है।
DISCOM लोड अप्रूवल
आपकी संबंधित विद्युत वितरण कंपनी (MVVNL, PVVNL आदि) से तकनीकी स्वीकृति व लोड क्लीयरेंस कराई जाती है।
सटीक टियर-1 इंस्टालेशन
डीसीआर बाइफेशियल पैनल्स, 150 किमी/घंटा आंधी-रोधी जीआई स्ट्रक्चर, अर्थिंग व लाइटनिंग अरेस्टर की स्थापना।
नेट-मीटर सिंक्रोनाइज़ेशन
विद्युत विभाग के अभियंता प्लांट का निरीक्षण कर बाई-डायरेक्शनल नेट-मीटर लगाते हैं ताकि अतिरिक्त बिजली ग्रिड में जाए।
सीधे बैंक खाते में सब्सिडी
कमीशनिंग सर्टिफिकेट पोर्टल पर अपलोड होते ही केंद्र (₹78k) व यूपी राज्य (₹30k) की कुल ₹1,08,000 सब्सिडी 30 दिन में खाते में आती है।
UPPCL मान्यता प्राप्त उत्कृष्ट इंजीनियरिंग
स्थानीय अप्रशिक्षित ठेकेदारों के विपरीत, आद्विक सोलर एक अधिकृत UPPCL एम्पेनल्ड ईपीसी पार्टनर है जो MNRE मानकों, मजबूत वाटरप्रूफ स्ट्रक्चर और बिना किसी देरी के नेट-मीटरिंग सुनिश्चित करता है।
टियर-1 DCR बाइफेशियल तकनीक
ALMM अधिकृत पैनल्स जो सीधी धूप और छत से परावर्तित रोशनी दोनों से बिजली बनाते हैं।
150 किमी/घंटा आंधी-रोधी HDG स्ट्रक्चर
हॉट-डिप गैल्वेनाइज्ड हेवी मेटल फ्रेमिंग जो यूपी की गर्मियों, धूल और भीषण तूफानों में जंग-मुक्त रहती है।
बिना गारंटी सोलर लोन (7% वार्षिक दर)
SBI, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के साथ पीएम सूर्य घर योजना के तहत आसान किस्तें।
24/7 स्मार्ट मोबाइल ऐप मॉनिटरिंग
दैनिक बिजली उत्पादन, ग्रिड एक्सपोर्ट और बचत का लाइव ब्यौरा सीधे अपने स्मार्टफोन पर देखें।
DCR TopCon सोलर सेल्स
मेड इन इंडिया डीसीआर प्रमाणित मॉड्यूल्स जो 100% केंद्रीय सब्सिडी क्लीयरेंस के लिए आवश्यक हैं।
UPPCL नेट-मीटरिंग
त्वरित बाई-डायरेक्शनल मीटर स्थापना के लिए स्थानीय उप-स्टेशनों के साथ पूर्ण समन्वय।
उत्तर प्रदेश के सभी 5 डिस्कॉम में सक्रिय सेवा
सभी उत्तर प्रदेश बिजली वितरण क्षेत्रों में अधिकृत नेट-मीटरिंग समन्वय व बिलिंग प्रबंधन।
MVVNL
मध्यांचल
लखनऊ / अयोध्या
PVVNL
पश्चिमांचल
मेरठ / नोएडा / गाजियाबाद
PUVVNL
पूर्वांचल
वाराणसी / प्रयागराज
DVVNL
दक्षिणांचल
आगरा / अलीगढ़ / मथुरा
KESCo
कानपुर इलेक्ट्रिसिटी
कानपुर नगर
उपभोक्ताओं के वास्तविक अनुभव
वास्तविक बिजली बिल शून्य हुए, और बिना किसी दलाल के सीधे खाते में सब्सिडी प्राप्त हुई।
"गोमती नगर में हमारा मासिक बिजली बिल ₹4,800 आता था। आद्विक सोलर ने सिर्फ़ 2 दिनों में 3 kW बाइफेशियल सिस्टम लगाया। केंद्र (₹78k) और राज्य (₹30k) दोनों सब्सिडी सीधे मेरे SBI खाते में आईं। अब बिल सिर्फ़ ₹115 है!"
डॉ. एस. के. वर्मा
गोमती नगर, लखनऊ • 3 kW सिस्टम
"कानपुर में KESCo के तहत 5 kW का कनेक्शन लिया। स्ट्रक्चर की मजबूती कमाल की है। किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़े, पूरी कागजी कार्रवाई टीम ने ऑनलाइन संभाल ली।"
आनंद मेहरोत्रा
स्वरूप नगर, कानपुर • 5 kW सिस्टम
"वाराणसी में 3 kW लगवाया। मोबाइल ऐप में हर घंटे का उत्पादन दिखता है। कुल ₹1.08 लाख सब्सिडी समय पर खाते में आ गई। बहुत ही पारदर्शी और पेशेवर सेवा।"
पूजा त्रिपाठी
सिगरा, वाराणसी • 3 kW सिस्टम
रूफटॉप सोलर से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल-जवाब
पीएम सूर्य घर योजना, UPPCL नेट-मीटरिंग व डायरेक्ट बैंक सब्सिडी की पूरी जानकारी।
1. 3 kW सोलर सिस्टम पर ₹1,08,000 सब्सिडी की गणना कैसे की जाती है?
पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना के तहत 3 kW सिस्टम पर केंद्र सरकार (MNRE) ₹78,000 की सीधी बैंक सब्सिडी देती है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश सरकार (UPNEDA) ₹30,000 की राज्य सब्सिडी प्रदान करती है। इस प्रकार कुल ₹1,08,000 की सब्सिडी सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से ट्रांसफर की जाती है।
2. क्या मुझे कागजी कार्यवाही या मीटर लगाने के लिए बिजली विभाग के चक्कर लगाने होंगे?
बिल्कुल नहीं। आद्विक सोलर एक अधिकृत UPPCL एम्पेनल्ड ईपीसी पार्टनर है। पोर्टल रजिस्ट्रेशन, विद्युत विभाग की तकनीकी स्वीकृति, लोड अप्रूवल और नेट-मीटर टेस्टिंग की संपूर्ण औपचारिकताएं हमारी टीम स्वयं पूरी करती है।
3. UPPCL बाई-डायरेक्शनल नेट-मीटरिंग कैसे काम करती है और बिल में यूनिट्स कैसे एडजस्ट होती हैं?
बाई-डायरेक्शनल नेट-मीटर दोनों दिशाओं में बिजली मापता है—ग्रिड से ली गई बिजली और ग्रिड को दी गई बिजली। दिन में अतिरिक्त बनी सोलर बिजली ग्रिड को निर्यात होती है। महीने के अंत में डिस्कॉम कुल खपत में से सोलर यूनिट घटाकर सिर्फ़ नेट यूनिट का बिल बनाती है, जिससे बिल लगभग शून्य हो जाता है।
4. बिजली कटने, बारिश या बादलों के मौसम और रात के समय क्या होता है?
टियर-1 डीसीआर बाइफेशियल पैनल्स बादलों और धुंधली रोशनी में भी बिजली बनाते हैं। रात में ग्रिड से सामान्य बिजली मिलती है जो दिन के सोलर क्रेडिट से एडजस्ट हो जाती है। यदि आपके क्षेत्र में बिजली कटौती अधिक है, तो हम बैटरी बैकअप वाला हाइब्रिड सिस्टम भी प्रदान करते हैं।
5. क्या उत्तर प्रदेश में सोलर लगवाने के लिए बिना किसी गारंटी के लोन मिलता है?
हाँ! एसबीआई (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक जैसे राष्ट्रीयकृत बैंक पीएम सूर्य घर योजना के तहत लगभग 7% की रियायती ब्याज दर पर बिना किसी संपत्ति गारंटी के आसान सोलर लोन देते हैं। आपकी बिजली बिल की बचत से ही लोन की मासिक किस्त आसानी से निकल जाती है।
6. 1 kW से 10 kW सोलर सिस्टम के लिए छत पर कितनी छाया-मुक्त जगह की आवश्यकता होती है?
औसतन प्रति 1 kW क्षमता के लिए लगभग 90 से 100 वर्ग फ़ुट छाया-मुक्त छत की आवश्यकता होती है। 3 kW सिस्टम के लिए लगभग 270–300 वर्ग फ़ुट और 5 kW के लिए लगभग 450–500 वर्ग फ़ुट जगह चाहिए। यदि आप छत का उपयोग जारी रखना चाहते हैं, तो हम एलिवेटेड (ऊंचे) स्ट्रक्चर भी लगाते हैं।
7. आद्विक सोलर के पैनल्स और इनवर्टर पर क्या वारंटी और परफॉर्मेंस गारंटी मिलती है?
हम केवल ALMM-सूचीबद्ध टियर-1 डीसीआर सोलर पैनल्स लगाते हैं जिन पर 25 साल की लीनियर पावर परफॉर्मेंस वारंटी मिलती है। स्मार्ट इनवर्टर पर 5 से 10 साल की वारंटी और हॉट-डिप गैल्वेनाइज्ड स्ट्रक्चर पर 25+ वर्षों की जंग-रोधी मजबूती होती है।
8. पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना में आवेदन करने के लिए कौन-से दस्तावेज़ चाहिए?
सिर्फ़ 4 सामान्य दस्तावेज़ आवश्यक हैं: (1) नवीनतम UPPCL बिजली का बिल, (2) मीटर धारक का आधार कार्ड, (3) आधार से लिंक बैंक खाते का कैंसिल चेक या पासबुक की कॉपी (सब्सिडी क्रेडिट हेतु), और (4) छत की एक स्पष्ट फोटो।
9. साइट सर्वे से लेकर बैंक खाते में सब्सिडी आने तक कुल कितना समय लगता है?
सर्वेक्षण और पोर्टल आवेदन 24 से 48 घंटे में हो जाता है। छत पर सोलर पैनल्स लगाने का काम मात्र 2 दिनों में पूरा होता है। डिस्कॉम द्वारा नेट-मीटर लगाने में 7 से 12 दिन लगते हैं। कमीशनिंग के पश्चात 30 दिनों के भीतर पूरी सब्सिडी सीधे बैंक खाते में आ जाती है।
10. क्या अपार्टमेंट, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां या कॉमर्शियल प्रतिष्ठान भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं?
हाँ! ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और आरडब्ल्यूए को कॉमन एरिया लाइटिंग, लिफ्ट और वाटर पंप के लिए 500 kW तक सब्सिडी का लाभ मिलता है। वहीं कमर्शियल प्रतिष्ठान 40% त्वरित मूल्यह्रास टैक्स छूट और भारी बिजली बिल बचत प्राप्त कर सकते हैं।
₹1,08,000 सब्सिडी क्लेम करने और बिजली बिल शून्य करने के लिए तैयार हैं?
हमारे क्षेत्रीय सोलर इंजीनियर से सीधी सलाह लें या तुरंत मुफ़्त डोरस्टेप साइट सर्वे बुक कराएं। बिना किसी बाध्यता के पारदर्शी सेवा।
त्वरित कॉलबैक अनुरोध
अपना नंबर दर्ज करें — कार्य समय में 15 मिनट में कॉलबैक पाएं।